अधिकारी लगा रहे पलीता

10-Nov-2013 ||    करनाल ||   

अधिकारी लगा रहे पलीता केंद्र व राज्य सरकार जहां जरूरतमंद लोगों को प्लॉट व मकान देने के लिए प्रयासरत है, वहीं विकास विभाग के अधिकारी इस योजना को पलीता लगाने में लगे हुए हैं। विभाग के उदासीनता पूर्ण रवैये के चलते गरीबों के पास अधिकारियों के कोसने के अलावा कोई रास्ता नही बचा है। रोषित प्लॉट धारकों ने कस्बा जुंडला के गांव के अम्बेडकर भवन में पंचायत बुला कर मुख्यमंत्री की गोहाना में 10 नवम्बर को आयोजित की जा रही शक्ति रैली में शामिल न होंने का ऐलान किया है। प्लॉट धारक इस ऐलान के पीछे विकास विभाग के अधिकारियों की लापरवाही को दोषी मान रहे है। यह स्थिति विकास खंड निसिंग के गांव घौघडीपुर में बनी हुई है। मिली जानकारी के मुताबिक जिस पंचायती भूखंड पर सरकार की योजना के तहत प्लॉट आबंटित किए गए है। उस भूखंड पर गांव के ही एक व्यक्ति का नाजायज कब्जा चला आ रहा है। जिसका खामियाजा प्लॉट धारकों को भुगतना पड़ रहा है। साल भर का अरसा बीत जाने के बावजूद भी ग्राम पंचायत से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक कब्जा छुड़वाने में सफल नहीं हो पा रहे है। 78 प्लॉट धारक कब्जा लेने के लिए मारे-मारे फिर रहे है। करीब एक साल से इन गरीब लोगों की कोई सुनने वाला सामने नहीं आया है। गांव के सरपंच से लेकर जिला उपायुक्त तक गुहार लगाए जाने के बाद भी इन लोगों को प्लॉट नहीं मिल पाए है। केंद्र सरकार की महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत गांव घौघड़ीपुर में 78 जरूरतमंद लोगों को करीब एक साल पहले प्लॉट आबंटित किए गए थे। जिनकी ग्राम पंचायत की ओर से रजिस्ट्री भी करवा दी गई है।

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