तीन हिस्सों में बंटेगा बिहार बोर्ड

09-Jul-2016 ||    पटना ||   

तीन हिस्सों में बंटेगा बिहार बोर्ड नई दिल्ली। टॉपर घोटाले के बाद बिहार बोर्ड का चेहरा बदलने की कवायद शुरू हो गई है। भविष्य में किसी धांधली से बचने के लिए बोर्ड को तीन हिस्सों में बांटने का फैसला लिया गया है। काम को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासनिक, अकादमिक परीक्षा नाम से तीन विभाग बनेंगे। समिति के संकायों को बांटने की योजना को देखते हुए शनिवार की बोर्ड की प्रस्तावित बैठक को स्थगित कर दिया गया है। परीक्षा समिति के माध्यमिक(मैट्रिक) उच्च माध्यमिक (इंटर) शाखा को एक साथ कर दिया गया है। इससे बोर्ड कर्मचारियों की लंबे समय से चली रही मांग भी बिना किसी हंगामा-प्रदर्शन के पूरी हो गई है। अब मैट्रिक इंटर शाखा के कर्मी बोर्ड के कर्मचारी ही कहे जाएंगे। समिति के सभी कार्यों की देखरेख अब केवल सचिव नहीं करेंगे। इसके लिए तीन अलग-अलग विभाग के प्रधान रहेंगे। सचिव केवल अब प्रशासनिक कार्यों को देखेंगे। उनके जिम्मे प्रशासनिक कार्यों के अलावा लेखा, निगरानी, लीगल आदि शाखा होंगे। दूसरी शाखा परीक्षा शाखा होगी। इस शाखा के प्रधान परीक्षा नियंत्रक होंगे। परीक्षानियंत्रक को परीक्षा के आयोजन, परीक्षा केंद्र के गठन, मूल्यांकन केंद्र की स्वीकृति, वीक्षक-परीक्षक के निर्धारण आदि की जिम्मेदारी दी जाएगी। तीसरी शाखा अकादमिक शाखा होगी। इसके प्रमुख निदेशक, एकेडमिक होंगे। उनके जिम्मे माध्यमिक स्कूल इंटर कॉलेजों को एक्रिडिटेशन देने की जिम्मेदारी होगी। सचिव, परीक्षा नियंत्रक निदेशक, एकेडमिक सीधे बोर्ड अध्यक्ष को रिपोर्ट करेंगे। बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि समिति में अभी तक एकेडमिक स्ट्रक्चर नहीं रहने के कारण कामकाज में काफी परेशानी होती है। केवल सचिव के पास सभी कार्यों की जिम्मेदारी रहने के कारण काम की गति भी काफी धीमी होती है। नई व्यवस्था से समिति का कार्य तेज होगा। नए पदाधिकारियों के आने से गति बढ़ेगी तो समिति बेहतर माहौल में परीक्षा लेने में सफल हो सकेगा। अध्यक्ष ने कहा कि नए स्ट्रक्चर में 46 नए पदों का सृजन किया गया है। इसमें से कुछ पदाधिकारी बोर्ड के पास हैं। अधिकांश पदों पर स्थायी नियुक्ति होने तक संविदा के आधार पर नियुक्ति की जाएगी। प्रभागके मुखिया परीक्षा नियंत्रक होंगे। यह इकाई सभी प्रकार की परीक्षाओं का आयोजन कराएगी। परीक्षा नियंत्रक परीक्षा से संबंधित सभी मामलों, परीक्षाओं के प्रशासन, मुख्य रूप से परीक्षा के पूर्व बाद के कार्य, वार्षिक पूरक मैट्रिक इंटर परीक्षा के लिए उत्तरदायी होंगे। उनकी टीम में भी 13 पदाधिकारी होंगे। अकादमिक प्रभाग : प्रभागके प्रधान निदेशक एकेडमिक होंगे। उनके पास पाठ्यक्रम विकास, पाठ्य पुस्तकों का विकास, सेंपल पेपर का निर्माण, प्रश्न पत्रों का सेट तैयार कराना, वैज्ञानिक मूल्यांकन की व्यवस्था, स्कूलों को शैक्षणिक मार्गदर्शन और शिक्षण संस्थानों को प्रस्वीकृति की जिम्मेदारी होगी। निदेशक, एकेडमिक की टीम में 13 पदाधिकारी होंगे।

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