जिप अध्यक्ष का पद बहुत महत्वपूर्ण

28-Jun-2016 ||    सीतामढ़ी ||   

जिप अध्यक्ष का पद बहुत महत्वपूर्ण नई दिल्ली। सीतामढ़ी जिला परिषद के अध्यक्ष का पद कई मामले में बहुत महत्वपूर्ण है। जिप अध्यक्ष बनने के बाद कई लोगों को विधायक, विधान पार्षद व मंत्री बनने का सौभाग्य भी मिला है। सबसे पहले सीतामढ़ी जिला परिषद के अध्यक्ष रघुनाथ झा बने थे। बाद में वे विधायक, सांसद और मंत्री भी बने। पूर्व में जिला परिषद का अध्यक्ष बनने के लिए सदस्य बनना जरूरी नहीं था। मुख्यमंत्री द्वारा अध्यक्ष का मनोनयन किया जाता था। बाद में अध्यक्ष पद के लिए चुनाव की प्रक्रिया शुरू की गई। वर्ष 2001 में दिलीप कुमार यादव जिप अध्यक्ष बने। बाद में श्री यादव विधान परिषद का सदस्य बने। नगीना देवी जिला पार्षद बनी उसके बाद वे विधायक निर्वाचित हुई। इसी प्रकार डा.रंजू गीता वर्ष 2008 में जिप अध्यक्ष बनी। उसके बाद बाजपट्टी विधान सभा क्षेत्र से दो बार विधायक बनी, फिर राज्य सरकार में कबिना मंत्री बनी। जिले में 1973 में हुआ था जिला परिषद का गठन :जिले में जिला परिषद का गठन 18 अप्रैल 1973 को हुआ था। जिसमें अध्यक्ष व कार्यकारी अध्यक्षों की संख्या दस है। अभी 11 वें अध्यक्ष का चुनाव 30 जून को होना है। जिला परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सह डीडीसी होते हैं। पूर्व में यह प्रशासक का पद था। अब तक जिप में 42 प्रशासक व मुख्य कार्यपालक अधिकारी हुए हैं।

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